क्या आपके पास स्वास्थ्य बीमा है या आप खरीदने की सोच रहे हैं? अगर दोनों सवालों में आपका उत्तर “ना” है तो आप समय से काफी पीछे चल रहे हैं क्योंकि यह आज की ज़रूरत बन गया है। पहले कहा जाता था रोटी, कपड़ा और मकान ही लोगों की प्राथमिकता है परन्तु कोरोना काल के बाद इसमें बीमा और निवेश का भी नाम जुड़ गया है।
लेकिन अगर दोनों सवालों में जवाब “हाँ” है तो आपको बधाई कि आप देश की उस 5% जनता में आते हैं जिसने बीमा ले रखा है। स्वास्थ्य बीमा खरीदना ही तीर मारने वाला काम नहीं है। आप उसके बारे में रिसर्च करते हैं और फिर या तो एजेंट के माध्यम से या फिर ऑनलाइन खरीद लेते हैं। पर यहाँ काम खत्म नहीं होता। इस उत्पाद की असली परीक्षा होती है क्लेम के समय।
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पॉलिसी की कॉपी/कार्ड – आप जब स्वास्थ्य बीमा खरीदते हैं तो कंपनी परिवार के हर सदस्य का अलग कार्ड बनाती है। इस कार्ड की वैधता 1 साल की होती है तो आपको चाहिये कि हर बार पॉलिसी रिन्यू करते समय नये कार्ड की कॉपी को संभाल कर रखें। पॉलिसी की कॉपी और कार्ड को ऐसी जगह रखें कि वे आसानी से सभी को मिल सकें। आप पॉलिसी और कार्ड की कॉपी मोबाइल में भी रख सकते हैं।
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मेडिकल इमरजेंसी फंड बना के रखें – कभी-कभी इमरजेंसी में समय हो सकता है कि किसी ऐसे नॉन-नेटवर्क हॉस्पिटल में भर्ती हों जहां वहां पर कैशलेस सुविधा न हो। तो ऐसी स्थिति में पहले आपको खर्चा करना पड़ेगा और बाद में क्लेम मिलेगा। ऐसी स्थिति में आपको चाहिये कि मेडिकल इमरजेंसी के नाम से फंड बनायें जिसमें 50-60 हज़ार की रकम रखें। यह राशि आप सेविंग खाते में या फिर नगद भी रख सकते हैं।
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मेडिकल संबंधित जानकारी – किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में परिवार वालों को पता होना चाहिए कि डॉक्टर/अस्पताल का क्या नाम/नंबर है। पॉलिसी की कॉपी/कंपनी एजेंट का नंबर या फिर टोल फ्री नंबर क्या है? यह सब जानकारी एक फोल्डर में बनाकर रख लेनी चाहिए और परिवार वालों के साथ जानकारी साझा करनी चाहिए। कैशलेस हॉस्पिटल की लिस्ट भी निकाल कर रखें।
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बीमा कंपनी के साथ मॉक ड्रिल करके देखें – आपातकाल की स्थिति में कैसे काम करना है और किसे मदद के लिये फोन करना है इसकी मॉकड्रिल करके देख सकते हैं। आप किसी भी ऐसे अस्पताल में जाएं जहाँ आपकी पॉलिसी कैशलेस सुविधा देती है। वहां जाकर प्रक्रिया को समझें एवं नोट करके रखें कि क्लेम के लिये क्या-क्या करना पड़ता है। यही काम आप कस्टमर केयर पर फोन करके भी कर सकते हैं।
अगर आपके पास पहले से सारी जानकारी होगी और आपकी अन्य तैयारी पूरी होगी तो आपातकाल की स्थिति में आपको कम परेशानी होगी। जब भी कोई परिवार या व्यक्ति अस्पताल में भर्ती होता है किसी मेडिकल इमरजेंसी के कारण तो सब घबराये हुए रहते हैं। कौनसा अस्पताल चुनना है, क्या बीमा वहां पर कैशलेस सुविधा देगा कि नहीं, आदि सवाल दिमाग में चलते रहते हैं और अगर परिवार के लोगों को इसकी कोई जानकारी नहीं है तो फिर उस समय सब कंपनी को कोसते हैं कि बीमा कभी नहीं देता या फिर कंपनी चोर है।
तो अगर आपके पास स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी है तो क्यों न आप सारी जानकारी पहले से लेकर रखें और स्वयं को तैयार रखें ऐसी किसी भी आपातकाल की स्थिति के लिये। तो आइये जानते हैं कि कौन-कौन से काम आपको करके रखने चाहिये ताकि किसी अनहोनी की स्थिति में आपको पता हो कि करना क्या है।
