RNI No.: MPBIL/2015/64672   |   Po. Reg.: Malwa Division/345/2024-2026

2026 में भारत और अमेरिका के बीच हुआ यह ऐतिहासिक व्यापारिक समझौता (Trade Deal) भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक संजीवनी बनकर आया है। इस समझौते ने न केवल व्यापारिक बाधाओं को कम किया है, बल्कि वैश्विक मंच पर ‘मेड इन इंडिया’ की धाक भी जमाई है। यहाँ इस समझौते से भारत को होने वाले प्रमुख लाभों पर एक संक्षिप्त लेख है:

फरवरी 2026 में भारत और अमेरिका के बीच हुए नए व्यापारिक समझौते ने दोनों देशों के रिश्तों में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। पिछले साल के तनावों और ऊंचे टैरिफ के बाद, यह डील भारतीय निर्यातकों और उद्योगों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है।

  1. निर्यात में ज़बरदस्त उछाल (टैरिफ में बड़ी कटौती) – इस समझौते की सबसे बड़ी उपलब्धि टैरिफ (आयात शुल्क) में कटौती है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारतीय सामानों पर लगने वाले कुल 50% के भारी-भरकम टैरिफ को घटाकर 18% करने पर सहमति जताई है। इसमें रूसी तेल खरीद से जुड़ा 2.5% का दंडात्मक शुल्क पूरी तरह हटा लिया गया है। इससे अमेरिका के बाजार में भारतीय उत्पाद अब चीन, वियतनाम और बांग्लादेश के मुकाबले अधिक प्रतिस्पर्धी और सस्ते हो जाएंगे।

  2. प्रमुख क्षेत्रों (Sectors) को संजीवनी – इस डील से भारत के उन क्षेत्रों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो सबसे ज्यादा रोजगार देते हैं:

    • टेक्सटाइल और परिधान: कपड़ों पर कम ड्यूटी लगने से अमेरिका के बड़े रिटेलर्स अब भारत की ओर रुख करेंगे।

    • जेम्स और ज्वेलरी: कम टैरिफ से भारतीय आभूषणों की मांग अमेरिकी बाजार में फिर से बढ़ेगी।

    • फार्मास्युटिकल: भारतीय दवाओं के लिए मंजूरी प्रक्रिया आसान होगी और लागत कम होगी।

    • आईटी और टेक्नोलॉजी: iCET फ्रेमवर्क के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में अमेरिकी निवेश बढ़ेगा।

  3. GDP और रोजगार पर असर – आर्थिक विशेषज्ञों और ‘गोल्डमैन सैक्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस समझौते से भारत की GDP में 0.2% की अतिरिक्त वृद्धि हो सकती है। निर्यात बढ़ने से स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों में लाखों नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है, जो ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को नई गति देगा।

  4. किसानों और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा – भारत सरकार ने इस डील में चतुराई दिखाते हुए अपने कृषि और डेयरी क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित रखा है। संवेदनशील उत्पादों (जैसे डेयरी, चावल और गेहूं) को इन रियायत के दायरे से बाहर रखा गया है ताकि भारतीय किसानों के हितों पर कोई आंच न आए।

  5. रणनीतिक और ऊर्जा सुरक्षा – भारत ने अमेरिका से अपनी ऊर्जा (LNG और कच्चा तेल) खरीद बढ़ाने का वादा किया है। इससे न केवल भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि अमेरिका के साथ व्यापार घाटा (Trade Deficit) भी कम होगा, जिससे रुपया और अधिक मजबूत होगा।

शेयर बाजार में हलचल: शेयर बाजार में आई हालिया तेजी इस बात का सबूत है कि भारतीय उद्योग जगत इस डील को लेकर बेहद उत्साहित है। इस समझौते के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में ज़बरदस्त तेजी देखी गई है, जिससे निवेशकों की संपत्ति में लाखों करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है। विशेषज्ञों और बाजार के आंकड़ों के अनुसार, यहाँ उन प्रमुख सेक्टर्स और कंपनियों की सूची है जिन्हें इस डील से सबसे ज्यादा फायदा होने की उम्मीद है:

  1. टेक्सटाइल और परिधान (Textiles & Apparel): सबसे बड़ा लाभार्थी – अमेरिकी भारतीय कपड़ों का सबसे बड़ा बाजार है। टैरिफ कटौती से वियतनाम और बांग्लादेश के मुकाबले भारतीय निर्यातकों की स्थिति मजबूत हुई है।

    • प्रमुख कंपनियां: Welspun Living, Indo Count Industries, Raymond Lifestyle, Gokaldas Exports, Kitex Garments, Trident.

  2. ऑटो और ऑटो कंपोनेंट (Auto Ancillaries): अमेरिकी ऑटो कंपनियों के लिए पुर्जे बनाने वाली भारतीय कंपनियों के मार्जिन में सुधार होगा।

    • प्रमुख कंपनियां: Bharat Forge, Balkrishna Industries, Motherson Sumi, Sona BLW.

  3. फार्मास्युटिकल्स (Pharmaceuticals): अमेरिका में भारतीय जेनेरिक दवाओं की भारी मांग है। समझौते से दवाओं की मंजूरी प्रक्रिया तेज होगी और निर्यात लागत घटेगी।

    • प्रमुख कंपनियां: Sun Pharma, Dr. Reddy’s, Cipla, Lupin.

  4. स्पेशलिटी केमिकल्स (Specialty Chemicals): चीन से निर्भरता कम करने के लिए अमेरिकी कंपनियां अब भारतीय केमिकल कंपनियों को बड़े ऑर्डर दे रही हैं।

    • प्रमुख कंपनियां: Aarti Industries, SRF, UPL और PI Industries.

  5. आईटी सेवाएं (IT Services): अमेरिका में आर्थिक स्थिरता और व्यापारिक रिश्तों में सुधार से भारतीय आईटी कंपनियों के लिए नए प्रोजेक्ट्स के रास्ते खुलेंगे। हालाँकि, कुछ आईटी शेयरों में शुरुआती उतार-चढ़ाव देखा गया है, लेकिन लंबी अवधि में यह सकारात्मक है।

    • प्रमुख कंपनियां: Infosys, TCS, HCL Tech.

  6. अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्र: समुद्री उत्पाद (Seafood): अमेरिका को झींगा (Shrimp) निर्यात करने वाली कंपनियों को बड़ा लाभ मिलेगा। लॉजिस्टिक्स और पोर्ट्स: व्यापार बढ़ने से Adani Ports जैसे शेयरों में बड़ी तेजी देखी गई है।