RNI No.: MPBIL/2015/64672   |   Po. Reg.: Malwa Division/345/2024-2026

म्यूचुअल फंड्स में इक्विटी फंड्स को उनके काम करने और कम्पनियों के आकार (Market Cap) के हिसाब से अलग-अलग कैटेगरी में बाँटा गया है। यहाँ मुख्य प्रकार दिए गए हैं:

1. लार्ज कैप फंड्स (Large Cap Funds)

  • समय सीमा: 5 से 7 साल या उससे ज़्यादा।

  • यह क्या है: ये फंड बाज़ार की सबसे बड़ी और टॉप 100 कंपनियों (जैसे रिलायंस, टीसीएस, एचडीएफसी) में पैसा लगाते हैं।

  • फायदा: इनमें जोखिम बाकी इक्विटी फंड्स के मुकाबले कम होता है और ये पोर्टफोलियो को स्थिरता देते हैं।

2. मिड कैप फंड्स (Mid Cap Funds)

  • समय सीमा: 7 से 10 साल।

  • यह क्या है: ये फंड बाज़ार की मीडियम आकार की कंपनियों (रैंक 101 से 250) में निवेश करते हैं।

  • फायदा: इनमें लार्ज कैप से ज़्यादा मुनाफा देने की क्षमता होती है, लेकिन जोखिम भी थोड़ा बढ़ जाता है।

3. स्मॉल कैप फंड्स (Small Cap Funds)

  • समय सीमा: 10 साल या उससे ज़्यादा।

  • यह क्या है: ये फंड बाज़ार की छोटी कंपनियों (रैंक 251 से नीचे) में पैसा लगाते हैं।

  • फायदा: इनमें सबसे तेज़ और सबसे ज़्यादा रिटर्न देने की ताकत होती है, लेकिन छोटी कंपनियों की वजह से इनमें जोखिम और उतार-चढ़ाव भी सबसे ज़्यादा होता है।

4. मल्टी कैप / फ्लेक्सी कैप फंड्स (Multi Cap / Flexi Cap Funds)

  • समय सीमा: 5 से 7 साल।

  • यह क्या है: ये फंड किसी एक आकार की कंपनी तक सीमित नहीं होते। ये लार्ज, मिड और स्मॉल कैप तीनों तरह की कंपनियों में मिलाकर निवेश करते हैं।

  • फायदा: फंड मैनेजर बाज़ार के माहौल के हिसाब से तय करता है कि किस समय बड़ी कंपनी में पैसा रखना है और कब छोटी कंपनी में। इससे निवेशक को एक ही फंड में पूरी विविधता (Diversification) मिल जाती है।

जोखिम और रिटर्न

फंड का प्रकार जोखिम का स्तर रिटर्न की संभावना सही समय सीमा
लार्ज कैप मध्यम स्थिर / औसत 5+ वर्ष
मिड कैप मध्यम से उच्च अच्छा / औसत से ऊपर 7+ वर्ष
स्मॉल कैप बहुत उच्च सबसे ज़्यादा 10+ वर्ष
फ्लेक्सी कैप मध्यम से उच्च संतुलित 5+ वर्ष