इक्विटी म्यूचुअल फंड योजनाओं में शुद्ध निवेश जून में एक महीना पहले के मुकाबले 26 फीसदी बढ़कर 28,973 करोड़ रुपये हो गया। बाजार में चुनौतियां कम होने पर निवेशकों द्वारा एकमुश्त निवेश बढ़ाए जाने से इसे रफ्तार मिली। ‘इक्विटी एमएफ ने मई में लगभग 40 फीसदी की गिरावट के बाद जून में दमदार वापसी की। यह वैश्विक अनिश्चितताओं और बाजार में अस्थिरता के बीच निवेशकों की दमदार धारणा को दर्शाती है।’ बाजार में अस्थिरता के बावजूद शेयर बाजार जून में सकारात्मक रुझान के साथ बंद हुआ।
निफ्टी 50 में 1.4 फीसदी की बढ़त दर्ज गई। तेल कीमतों में नरमी और पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से बाजार धारणा को बढ़ावा मिला। इक्विटी योजनाओं में शुद्ध निवेश मुख्य तौर पर एकमुश्त निवेश की मात्रा और कुल निकासी से संचालित होता है जबकि एसआईपी से होने वाला कुल निवेश अपेक्षाकृत स्थिर रहा। पिछले महीने इक्विटी योजनाओं में कुल निवेश मई के मुकाबले 17 फीसदी अधिक रहा। इक्विटी, डेट, हाइब्रिड और पैसिव योजनाओं सहित एसआईपी में कुल निवेश एक महीना पहले के मुकाबले 3 फीसदी बढ़कर 31,781 करोड़ रुपये हो गया। एसआईपी निवेश में इक्विटी योजनाओं की हिस्सेदारी करीब 80 फीसदी है। एसआईपी निवेश में स्थिरता और कुछ अन्य श्रेणियों में दमदार एकमुश्त निवेश होने से कैलेंडर वर्ष 2026 की पहली छमाही में इक्विटी केंद्रित योजनाओं में शुद्ध निवेश 1.81 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले करीब 12 फीसदी अधिक है। ‘वैश्विक अनिश्चितताओं और बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशक धारणा मजबूत बनी हुई है। बाजार धारणा में सुधार, घरेलू वृहद आर्थिक स्थितियों से उम्मीद और खुदरा भागीदारी लगातार बढ़ने से निवेश को बल मिला।’ मगर पहली छमाही के दौरान शुद्ध निवेश चुनिंदा योजना श्रेणियों पर केंद्रित रहा। हाल के महीनों में फ्लेक्सीकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप फंडों ने अधिकांश निवेश आकर्षित किया है।
