मुख्य बदलाव और नियम
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डीमैट मोड अनिवार्य: अब म्यूचुअल फंड यूनिट्स को केवल डीमैट फॉर्म में ही गिफ्ट किया जा सकता है। पुराने ‘स्टेटमेंट ऑफ अकाउंट’ मोड में ट्रांसफर अब प्रतिबंधित हैं। यदि आपके पास यूनिट्स फिजिकल मोड में हैं, तो पहले उन्हें डीमैट में बदलना होगा।
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गिफ्ट देने की लागत: डीमैट यूनिट्स का ट्रांसफर ‘ऑफ-मार्केट ट्रांजेक्शन’ माना जाता है, जिस पर मामूली शुल्क लगते हैं।
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ट्रांसफर फीस: ₹25 या ट्रांसफर वैल्यू का 0.03% (जो भी ज़्यादा हो)।
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इसके ऊपर जीएसटी और स्टैम्प ड्यूटी भी देनी होगी।
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टैक्स का प्रभाव
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माता-पिता के लिए: यूनिट्स गिफ्ट करते समय माता-पिता को कोई ‘कैपिटल गेन्स टैक्स’ नहीं देना पड़ता।
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बच्चों के लिए: यूनिट्स प्राप्त करने पर बच्चे को कोई टैक्स नहीं देना होता।
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बिक्री के समय: जब बच्चा भविष्य में इन यूनिट्स को बेचेगा, तब कैपिटल गेन्स टैक्स लगेगा। टैक्स के लिए खरीद की वही लागत मानी जाएगी जिस पर माता-पिता ने इन्हें खरीदा था।
‘क्लबिंग’ के नियम
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यदि आप नाबालिग बच्चे को फंड गिफ्ट कर रहे हैं, तो क्लबिंग नियम लागू होंगे।
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म्यूचुअल फंड से होने वाली किसी भी आय को उस माता या पिता की आय में जोड़ा जाएगा जिसकी कमाई अधिक है।
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इसमें प्रति वर्ष प्रति बच्चा केवल ₹1,500 की छूट मिलती है। यह नियम बच्चा 18 वर्ष का होने तक लागू रहता है।
सुरक्षित तरीके से गिफ्ट कैसे करें?
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डीमैट में बदलें: सुनिश्चित करें कि यूनिट्स डीमैट खाते में हों।
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गिफ्ट डीड तैयार करें: कानूनी प्रमाण के लिए गिफ्ट डीड बनवाएँ।
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ऑफ मार्केट निर्देश: अपने डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (DP) को ‘ऑफ मार्केट ट्रांसफर’ के निर्देश दें।
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शुल्क भुगतान: आवश्यक शुल्क और स्टैम्प ड्यूटी जमा करें।
