RNI No.: MPBIL/2015/64672   |   Po. Reg.: Malwa Division/345/2024-2026
पिछले साल भी बरकरार रहा मल्टी ऐसेट फंडों का आकर्षण

वर्ष 2025 में सबसे तेजी से बढ़ने वाले म्युचुअल फंड श्रेणियों में मल्टी-ऐसेट फंड भी शामिल रहे जिन्होंने मजबूत प्रदर्शन किया। उनमें रिकॉर्ड पूंजी निवेश आया। उनके प्रदर्शन को सोने और चांदी की तेजी से भी मदद मिली।

निवेशकों की दिलचस्पी के लिए प्रदर्शन अहम कारण रहा है। इक्विटी, डेट और कमोडिटी में निवेश करने वाले मल्टी-ऐसेट फंडों को पिछले एक साल में कीमती धातुओं में आई तेजी से काफी फायदा हुआ। आंकड़ों के अनुसार 2025 में इक्विटी बाजारों के संघर्ष करने के बावजूद इस श्रेणी ने औसतन 17.4 प्रतिशत का रिटर्न दिया।

मल्टी ऐसेट फंडों के तहत प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) वर्ष 2025 में बढ़कर लगभग 1.65 लाख करोड़ रुपये हो गई जो वर्ष 2024 में लगभग 1.03 लाख करोड़ रुपये से लगभग 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। लंबी अवधि में वृद्धि और भी तेज रही है और वर्ष 2023 में एयूएम 52,869 करोड़ रुपये थी जो लगभग तीन गुना से अधिक हो गई है। वर्ष 2025 में शुद्ध निवेश लगभग 47,056 करोड़ रुपये रहा जो वर्ष 2024 में जुटाए गए लगभग 42,569 करोड़ रुपये से करीब 10 प्रतिशत अधिक और 2023 में आए पूंजी निवेश से दोगुना से भी अधिक है।

कमोडिटी के साथ-साथ, डेट में आवंटन और चुनिंदा इक्विटी में निवेश से मिले स्थिर रिटर्न ने समग्र प्रदर्शन में मदद की। विशेषज्ञों ने कहा कि निवेश प्रवाह और एयूएम में लगातार वृद्धि से पता चलता है कि मल्टी-ऐसेट फंडों को एक रणनीतिक दांव के बजाय एक मुख्य पोर्टफोलियो आवंटन के रूप में देखा जा रहा है।

‘मल्टी-ऐसेट फंडों ने 2025 में हाइब्रिड फंड पूंजी निवेश का 30 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया है जिससे इक्विटी, ऋण और कमोडिटी को मिलाकर बनाए गए विविध पोर्टफोलियो के लिए बढ़ती प्राथमिकता जाहिर होती है।’